श्री उमिया माताजी का ज्योतिरथ समाज के विकास - ऐकता - भाईचारे और भक्तिभाव की अनोखी कड़ी है। उत्कर्षनिधि परिपूर्ण करने हेतु ज्योतिरथ का गुजरात के 3500 गाँवों में परिभ्रमण हुआ। ज्योतिरथ का निर्माण मध्यप्रदेश के करोदिया गाँव में वहाँ के मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा समय आर्थिक सहयोग हेतु माताजी की मूर्ति स्थापित कर रथ जैसा बनाकर इस कार्य को संपन्न किया। इससे मणीभाई मम्मी और श्री केशवलाल शेठ को प्रेरणा मिली और इस रथ का निर्माण हुआ। रथ की लंबाई - 23 फीट, चौडाई - 8 फीट और ऊँचाई 15 फीट है। इस ज्योतिरथ का दिनांक 23-10-1997 को ऊँझ़ा में अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
यह रथ गुजरात बाद मध्यप्रदेश के 742 गाँवों में और राजस्थान के 91 गाँवों में घुमा। इस दोनो जगहों पर इस रथ को अच्छा आर्थिक सहयोग मिला, जिससे शैक्षणिक संकुल बनाए गए। इस रथ के परिभ्रमण समय व्यसन मुक्ति के संकल्प के साथ समाज के लोगो ने आपसी झघडे, बैर को भूल हर गाँव में साथ साथ भोजन किया। इस रथ से समाज में एक जागृति आई और रथ के उछामणी से रू. 7 करोड और वीमा योजना में रू. 6.50 करोड, कुल मिलाकर रू.13.50 करोड इकठ्ठे हुए। रू. 100 करोड पूर्ण नहीं हुए। |