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| श्री अंबाजी पथिकाश्रम – अंबाजी |
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श्री अंबाजी देवस्थान के पश्चिम दरवाजे की ओर 1979 में लश्करी शेठ ने विशाल जगके साथ बंगला खरीदा। जिसकी किंमत रूपए 3,25,000 |
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वहाँ 28 कमरे – एक कार्यालय – दो रसोई, 500 यात्रियों को रहने की व्यवस्था के साथ। खर्च अनुमानित रूपए 25,00,000 ૦ |
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| श्री उमिया माताजी परिसर – सोला (अहमदाबाद) |
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श्री भागवत विद्यापीठ के पास में 26 वीघा जमीन तथा बोर और 26 कमरों के साथ खरीदा गया। |
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26 कमरों में से 13 कमरों को आईएएस प्रशिक्षण केन्द्र को दिया गया। खर्च रूपए 75,00,000 एक छोटा श्री उमिया माता का मंदिर बनाया गया। |
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નાનકડું સુંદર શ્રી ઉમિયા માતાજીનું મંદિર બનાવવામાં આવ્યું. |
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श्री ना. मा. पटेल परिवार
श्री उमिया माताजी पथिकाश्रम – बेचराजी |
| वर्ष 1979 के करीब श्री नारणभाई माधवलाल पटेल परिवार की ओर से 9201 वर्ग वार जमीन पथिकाश्रम को भेट मिली। |
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इस पथिकाश्रम में दो मंजिल |
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16 + 16 = 32 कमरे |
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2000 लोगों के भोजन कर सकने की क्षमतावाले भोजनालय की व्यवस्था |
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एक साथ 24 रसोई हो सके ऐसी व्यवस्था |
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कुल खर्च रूपए 42,00,000 |
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इसके बाद 54,100 फीट का एक सांस्कृतिक होल |
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ऊपर आधुनिक सुविधावाले 11 कमरे – एक कार्यालय . |
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खर्च करीब रूपए 54,00,000 |
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अन्य कार्य के लिए 2.5 वीघा जमीन लिया गया |
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इस पथिकाश्रम में कमुबहन अंबालाल नारणदास पटेल सीतापुर वाले ने रूपए 4,75,000 के दान से श्री उमिया माताजी का मंदिर बनवाया गया। |
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